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Tod Sabhi Badhaye Apne Path Par Badhate Jaye (तोड़ सभी बाधाएँ, अपने पथ पर बढ़ते जाएँ )

August 13, 2021
तोड़ सभी बाधाएँ, अपने पथ पर बढ़ते जाएँ  आओ यारो हम अंबर की, सीमा नाप ले आएं।। आसमान तक राह बना दे, तोड़ ले आयें तारे हम। सागर की गहराई में ज...Read More

भोजन मंत्र (Bhojan Mantra)

August 02, 2021
  भोजन मंत्र अन्न ग्रहण करने से पहले, विचार मन में करना है । इस हेतु से इस शरीर का , रक्षण पोषण करना है । हे परमेश्वर ! एक प्रार्थना, नित्य ...Read More

कृत्वा नवढृढ़संकल्पम् वितरन्तो नवसन्देशम्

July 21, 2021
  कृत्वा नवढृढ़संकल्पम्-2 वितरन्तो नवसन्देशम्-2 घटयामो, नवसंघटनम्-2 रचयामो नव इतिहासम्।।कृत्वा।। नवमन्वन्तरशिल्पिन: राष्ट्रसमुन्नतिकांक्षिण:...Read More

यह भारत वर्ष हमारा है, हमको प्राणों से प्यारा है

July 21, 2021
  यह भारत वर्ष हमारा है, हमको प्राणों से प्यारा है।। है यहाँ हिमालय खड़ा हुआ, संतरी सरीखा अड़ा हुआ, गंगा की निर्मल धारा है ।।यह भारत वर्ष हम...Read More

हम शिशु मंदिर के बच्चे हैं, सब करते हमको प्यार

July 21, 2021
  हम शिशु मंदिर के बच्चे हैं, सब करते हमको प्यार, सारी धरती अपनी है, अपना सब घर संसार ।।  ध्रु. ।। तितली के पंख लगाए, इधर उधर उड़ जाएँ, जहाँ...Read More

यूँ ही गुनगुनाएंगे, यूँ ही मुस्कुराएंगे (शिशु एवं बाल वर्ग गीत)

July 21, 2021
  यूँ ही गुनगुनाएंगे, यूँ ही मुस्कुराएंगे, वो सदी जो आ रही है, वह गीत गाएंगे ।।  ध्रु. ।। नीले आसमा पे होगा, कब शांति का डेरा इस जमीं से कब ...Read More

ज्योति जला निज प्राण की, बाती गढ़ बलिदान की

July 09, 2021
ज्योति  जला निज प्राण की, बाती गढ़ बलिदान की, आओ हम सब चलें उतारें, माँ की पावन आरती। चले उतारें आरती ।।  ध्रु. ।। यह वसुन्धरा माँ जिसकी गोद...Read More

ऋतु बसंत सुहावनी जी फागुन के दिन चार (बसंत गीत)

June 28, 2021
ऋतु बसंत सुहावनी जी फागुन के दिन चार, होली आई देश में जी घर घर मंगलाचार, लहर फागुन की आयी रसीला होली गावे, चहु दिश शोर मचाये..... धरा की ओढ़...Read More

जइयो पनघट ने आज ऐरी गुईयाँ (बुन्देली लोक गीत)

June 28, 2021
  जइयो पनघट ने आज ऐरी गुईयाँ, उते कान्हाँ खड़ो है डगरिया ।। देखो कान्हाँ  खौ जात एइ गैलरी । बड़ो बाको सजो है, वो छैलरी, जैहो पनघट तो, फोर है...Read More

देवि देहिनो बलं धैर्य वीर्य संबलं ( संस्कृत गीत )

June 26, 2021
देवि देहिनो बलं धैर्य वीर्य संबलं राष्ट्र मान वर्धनाय पुण्य कर्म कौशलं ।। देवि देहि।। चण्ड मुण्ड नाशिनी, ब्रह्म शांति वर्षिणी तेजोसाते जात न...Read More